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11 जून, 2023

गुजरात में तूफानों : Cyclone Biporjoy

गुजरात में तूफानों (Cyclone Biporjoy) से संबंधित विभिन्न प्रकार के तूफानों के विवरण और समझाने के लिए इसे पढ़ें।

Introduction:

गुजरात में तूफानों (Cyclone Biporjoy) का आगमन व्यापक प्रभाव डालता है। तूफानों के विभिन्न प्रकार का समय-समय पर आना गुजरात के लोगों के लिए निरंतर चुनौती प्रदान करता है। इस लेख में हम गुजरात में होने वाले विभिन्न तूफानों के बारे में चर्चा करेंगे और उनके प्रभाव, उच्चता, और उनसे निपटने के तरीकों पर विचार करेंगे।

गुजरात में हुए सभी तूफानों का विस्तृत विवरण हैं:

Cyclone


  1. 1998 में गुजरात सागरद्वीप और कच्छ क्षेत्र में तूफान यूएएमफी (Cyclone 6B) ने भारी तबाही मचाई। इसमें करीब 10,000 लोगों की मौत हुई और कई हजारों के घर बर्बाद हो गए।
  2. 2006 में गुजरात और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों को तूफान गुजरात (Cyclone Gujarat) ने प्रभावित किया। यह तूफान बंदरगाह पटना और भावनगर के करीब हल्के नुकसान पहुंचाया।
  3. 2007 में गुजरात और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में तूफान सुपर चपला (Cyclone Chapala) आया। इसमें करीब 120 किलोमीटर प्रति घंटे की गति के साथ तूफानी हवाएं थीं। इससे कुछ हद तक गुजरात के कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्र प्रभावित हुए।
  4. 2015 में गुजरात के कच्छ क्षेत्र को तूफान फेनी (Cyclone Phailin) ने मारा। इससे कच्छ के भुज और अन्य इलाकों में हानि पहुंची और कई लोगों की मौत हुई।
  5. 2017 में गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र को तूफान ओकी (Cyclone Ockhi) ने प्रभावित किया। इसमें तटीय इलाकों में बारिश, उच्च ज्वार और तेज हवाएं थीं। कुछ लोगों की मौत हुई और कई लोगों को गायब होने का सामाना करना पड़ा।
  6. 2020 में गुजरात को तूफान निसर्ग (Cyclone Nisarga) ने गहरी छाप छोड़ी। इसमें भारी बारिश, तेज हवाएं, और तटीय इलाकों में जलभराव हुआ। इससे कच्छ के इलाकों में नुकसान पहुंचा और कई लोगों की मौत हुई।
  7. 2021 में गुजरात को तूफान ताउक्ते (Cyclone Tauktae) ने मारा। यह एक शक्तिशाली तूफान था जिसने गुजरात के कच्छ, सौराष्ट्र, और मुंबई क्षेत्र को प्रभावित किया। इसमें बहुत सारे बाढ़, उच्च ज्वार, और तेज हवाएं थीं। कई लोगों की मौत हुई और हजारों लोगों को घर छोड़कर भागना पड़ा।

  8. 2023 में Cyclone Biporjoy, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा बताया गया है, 11 जून, 2023 को सुबह 5:30 बजे एक अत्यधिक गंभीर चक्रवाती तूफान में परिवर्तित हुआ है और यह गुजरात में भूमि पर प्रवेश करने की संभावना है।

    यहां तक कि यह सूची केवल कुछ प्रमुख तूफानों का ही है, गुजरात में अन्य छोटे-बड़े तूफान भी आते रहते हैं। तूफानों से प्रभावित होने के बाद, सरकार और संबंधित अधिकारियों अपात्रता और सहायता के लिए अनुबंधित और राहत कार्य की योजनाएं चलाते हैं। इसके साथ ही लोगों को तूफान से सुरक्षित रहने और संभावित आपदा के लिए तैयार रहने की सलाह दी जाती है।


    Cyclone Biporjoy, जिसे भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा बताया गया है, 11 जून, 2023 को सुबह 5:30 बजे एक अत्यधिक गंभीर चक्रवाती तूफान में परिवर्तित हुआ है और यह गुजरात में भूमि पर प्रवेश करने की संभावना है।

    इसकी संभावित दिशा उभरे रहने की संभावना है जब तक 14 जून के सुबह तक, यह उत्तर की ओर लगभग चलेगा। फिर यह उत्तरी-उत्तर-पूर्व की ओर चलेगा और 15 जून के दोपहर के बीच मंडवी (गुजरात) और कराची (पाकिस्तान) के बीच सौराष्ट्र और कच्छ और उनके संयुक्त पाकिस्तानी तटों को अत्यधिक चक्रवाती तूफान के रूप में पार करेगा। इसकी अधिकतम स्थिर हवा की गति 125-135 किलोमीटर प्रति घंटा (किमी/घंटा) होगी, जो 150 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है, IMD ने कहा है।

    इस तूफान की संभावित तिव्रता 11 जून तक एक अत्यधिक चक्रवाती तूफान बनी रहने की संभावना है और फिर 12 जून को सुबह 5:30 बजे एक बहुत तीव्र चक्रवाती तूफान में कम हो जाएगी।

    यूरोपीय केंद्रीय माध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान (ECMWF) मॉडल भी एक समान पूर्वानुमान बनाता है। सॉफ़्टवेयर Windy द्वारा विज़ुअलाइज़ की गई पूर्वानुमानों के अनुसार, तूफान 14 जून को गुजरात में भूमि पर लंबित होगा। EMCWF के अनुसार, तूफान भूमि पर पहुंचने से पहले हवा की गति 68 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है।

    संयुक्त राष्ट्र रक्षा एजेंसी जॉइंट तूफान चेतावनी केंद्र (JTWC) के अनुसार, तूफान बिपर्जॉय का नॉर्थवेस्ट गुजरात पर 15 जून को पहुंचने की संभावना है।

    "यह 1982 के बाद प्री-मानसून में अरब सागर में 8वां श्रेणी का चक्रवात तूफान है। इसमें से 2000 के बाद से 7 तूफान बने हैं, JTWC के अनुसार। दसकों में तूफानों की तीव्रता में एक विशाल वृद्धि," विनीत कुमार, केंद्रीय जलवायु परिवर्तन अनुसंधान केंद्र के वरिष्ठ अनुसंधान सहयोगी, ने ट्विटर पर लिखा।

    एक अन्य मौसम पूर्वानुमान मॉडल, ग्लोबल फॉरकास्ट सिस्टम (GFS) के अनुसार यह पाकिस्तान में 15 जून को भूमि पर पहुंचने की संभावना है। हवा की गति भूमि पर पहुंचने से कुछ घंटे पहले 120 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है, जैसा कि Windy द्वारा विज़ुअलाइज़ किए गए GFS डेटा में दिखाया गया है।

    तूफान की पूर्वानुमानित यात्रा का पूर्वानुमान बदलता रहा है। IMD ने पहले पूर्व-पश्चिम की ओर चलने का पूर्वानुमान लगाया था।

    बिपर्जॉय तूफान अब तौक्ते के बाद अरब सागर में सबसे तेज़ चक्रवाती तूफान है, जैसा कि IMD और JTWC दोनों ने बताया है, कुमार ने ट्विटर पर लिखा।

    विशेषज्ञ ने बताया कि इस तूफान ने दूसरी बार अपने जीवनकाल में तेजी से मजबूती प्राप्त की है और पिछले 24 घंटों में श्रेणी 1 (65 नॉट्स) से श्रेणी 3 (105 नॉट्स) में मजबूत हुआ है।

    हालांकि, बिपर्जॉय तूफान तौक्ते से कम तेज़ होने की संभावना है, जो 2021 मई में बना था।

    "तौक्ते एक अत्यधिक चक्रवाती तूफान था जिसने कि सभी रिकॉर्डों को तोड़ दिया था। इसकी तुलना में, बिपर्जॉय का तेज़ चक्रवाती तूफान नहीं है। लेकिन यह भी बहुत खतरनाक हो सकता है," कुमार ने कहा।

    कृपया ध्यान दें कि यह एक पूर्वानुमान है और तूफान की यात्रा और तीव्रता में बदलाव हो सकता है। स्थानीय मौसम विभाग और मौसम संगठनों की सलाह और अपडेट के साथ अवगत रहना महत्वपूर्ण है।



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Conclusion: 

गुजरात में तूफानों (Cyclone Biporjoy) की उपस्थिति अपार प्रभाव डालती है और लोगों को सतर्क रहने के लिए प्रेरित करती है। इन तूफानों के प्रकारों को समझने और इनसे निपटने के तरीकों को जानना महत्वपूर्ण है। लोगों को आवश्यक सावधानियों का पालन करने और समय रहते सुरक्षित स्थानों की ओर गति बढ़ाने की सलाह दी जाती है। विशेषज्ञों द्वारा प्रदान की जाने वाली जानकारी और उपयोगी सलाह लोगों को तूफान से सुरक्षित रहने में मदद करती है। गुजरात के लोगों के लिए तूफानों के साथ सामरिकता की दृष्टि से तैयार रहना जरूरी है और सुरक्षा को प्राथमिकता देना चाहिए।

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